रायपुर में हल्की ठंड का अहसास; अक्टूबर में अब तक 109% ज्यादा बरसा पानी, इस बार मानसून लौटेगा 10 दिन देर से
छत्तीसगढ़ में मानसून अब विदाई की तैयारी में है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। वहीं बस्तर संभाग में आगामी 48 घंटे तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। राजधानी रायपुर में मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, जो मानसून की विदाई का संकेत है।
रायपुर। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
बिलासपुर में शनिवार दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज बारिश हुई, जबकि अंतागढ़ में सबसे अधिक 90 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
रायपुर में रविवार को भी हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान जगदलपुर में 32.01 डिग्री और न्यूनतम तापमान पेंड्रारोड में 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी जिले में अलर्ट जारी नहीं किया है।
अक्टूबर में सामान्य से दोगुनी बारिश
इस बार अक्टूबर में अब तक 109% ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है।
आम तौर पर 8 अक्टूबर तक औसतन 28.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 59.1 मिमी से अधिक पानी बरस चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून करीब 15 अक्टूबर के बाद विदा होगा — यानी सामान्य से 10 दिन देरी से।
प्रदेश में बारिश के आंकड़े
30 सितंबर तक प्रदेश में औसतन 1167.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बलरामपुर में 1520.9 मिमी यानी 52% ज्यादा बारिश हुई है।
वहीं बेमेतरा में 524.5 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 50% कम है।
बस्तर, रायगढ़ और राजनांदगांव में वर्षा सामान्य स्तर पर रही है।
जानिए क्यों गिरती है बिजली
मौसम विभाग के अनुसार, बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें इलेक्ट्रिक चार्ज बनता है।
कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है।
जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है।
कभी-कभी यह बिजली धरती तक पहुंच जाती है और पेड़, बिजली के खंभे या पानी जैसे कंडक्टरों के संपर्क में आने पर मानव जीवन को खतरा हो सकता है।
