जनभागीदारी और आत्मनिर्भर भारत पर जोर, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान
दुर्ग में आयोजित विकसित भारत संकल्प एवं प्रबुद्धजन सम्मेलन में राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता को आवश्यक बताया।
दुर्ग। दुर्ग के बीआईटी सभागार में विकसित भारत संकल्प एवं प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन तथा राष्ट्रगीत के साथ की गई। इससे पहले अतिथियों ने रेस्ट हाउस परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच से वक्ताओं ने विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया।

अपने संबोधन में सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास, हर घर जल, शौचालय निर्माण, जनधन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी पहल से करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है।



केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि सेवा, समर्पण और संकल्प की भावना से ही राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र और विश्वगुरु बनाने के लिए सभी नागरिकों से सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयघोष के साथ सम्मेलन संपन्न हुआ।
