Sunday, September 13

IIIT नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस पर CM ने सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय सहभागिता का दिया संदेश; नई औद्योगिक नीति में चिप सेक्टर को मिले विशेष प्रावधान

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को शुरू हुई दो दिवसीय ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का तकनीकी और नवाचार केंद्र बनाने का विजन रखा। CM ने कहा कि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में राज्य नई औद्योगिक नीति के साथ महत्वपूर्ण योगदान देने को तैयार है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ को टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने नई दिशा तय कर दी है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंटरनेशनल सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर में शुक्रवार को ‘मेक इन सिलिकॉन’ राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन में छत्तीसगढ़ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

“छत्तीसगढ़ बनेगा मध्य भारत का टेक्नोलॉजी-हब” — मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मिशन में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। ऐसे समय में ‘मेक इन सिलिकॉन’ जैसे आयोजनों से ज्ञान-विनिमय, नवाचार और स्वदेशी चिप निर्माण को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन हो चुका है, जिससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर सृजित होंगे। राज्य की नई औद्योगिक नीति में भी सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं।

शिक्षा, तकनीक और आत्मनिर्भरता पर CM का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक दुनिया में मोबाइल, उपग्रह, रक्षा प्रणाली और AI तक, सभी तकनीकें सेमीकंडक्टर पर निर्भर हैं। इसलिए भारत में स्वदेशी उत्पादन की क्षमता बढ़ाना समय की मांग है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ‘इज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के साथ ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस’ पर जोर दे रहा है।

वित्त मंत्री O.P. चौधरी बोले—“तकनीक ही बदलेगी भविष्य की दिशा”

कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था जब प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर का कोई संस्थान नहीं था। लेकिन अब IIT, IIM, AIIMS, NIT, HNLU और IIIT जैसे संस्थान राज्य को तकनीक और उच्च शिक्षा में नई पहचान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह दौर पूरी तरह टेक्नोलॉजी-ड्रिवन है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट सर्वर की वैश्विक गड़बड़ी इसका बड़ा उदाहरण है। चौधरी ने युवाओं से नवाचार, शोध और कौशल विकास को अपनी प्राथमिकता बनाने की अपील की।

उच्च शिक्षा मंत्री का संदेश—“युवाओं का नवाचार देश की तकनीकी पहचान बनेगा”

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मेक इन सिलिकॉन’ महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान अब चिप निर्माण और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में शोध को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।

IIIT नवा रायपुर की उपलब्धियाँ प्रस्तुत

संस्थान के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में IIIT ने शिक्षण और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
संस्थान माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, VLSI डिजाइन, MEMS, नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स और क्वांटम डिवाइस जैसे उन्नत क्षेत्रों में शोध कर रहा है।

सेमीकंडक्टर मिशन की दिशा में बड़ा मंच

‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी में देशभर के विशेषज्ञ, शोधकर्ता और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। संगोष्ठी का लक्ष्य स्वदेशी सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और शिक्षा–उद्योग सहयोग को बढ़ाना है।
कार्यक्रम में नीति निर्माताओं और स्टार्टअप्स की सहभागिता से सप्लाई चेन, पैकेजिंग तथा सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।

Share.

Javed Khan
Editor

Address:
18C, Street 5, Sector 4, Bhilai Nagar,
Dist. Durg, Chhattisgarh – 490001

Mobile: +91-8319473093
Email: samvidhaantimes@gmail.com

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  

© 2025 Samvidaan Times. Designed by Nimble Technology.

Exit mobile version