Sunday, September 13

ED की जांच जारी, 16.7 करोड़ की कथित अवैध कमाई और फर्जी फ्लैट खरीद के आरोप; 1000 करोड़ से अधिक के घोटाले की छानबीन

शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की दिवाली इस बार जेल में ही बितेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत को 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। अदालत ने ED की ओर से और जांच समय की मांग को स्वीकार कर लिया।

रायपुर। चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को भिलाई निवास से गिरफ्तार किया गया था। ED के मुताबिक, उन्होंने 16.7 करोड़ रुपए की कथित अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया। आरोप है कि इस रकम का उपयोग नकद भुगतान, फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदी के बहाने किया गया।

चैतन्य बघेल और त्रिलोक सिंह ढिल्लो पर आरोप है कि उन्होंने विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फर्जी फ्लैट खरीद कर 5 करोड़ रुपए हासिल किए। इन फ्लैटों को ढिल्लो के कर्मचारियों के नाम पर खरीदा गया, लेकिन वास्तविक लाभार्थी चैतन्य बघेल ही थे।

ED की जांच में यह भी पाया गया कि चैतन्य ने 1000 करोड़ से अधिक की कथित अवैध धनराशि को हैंडल किया और इसे अनवर ढेबर और अन्य माध्यम से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तक पहुंचाया।

ED ने दर्ज की FIR, घोटाले की परतें उजागर

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। FIR में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का उल्लेख है। इसमें राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के माध्यम से घोटाले को अंजाम दिया गया। ED की जांच जारी है और आगामी दिनों में इस घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है।

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Javed Khan
Editor

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