मोनू यादव ने लगाए मारपीट, धमकी और घर में तोड़फोड़ के आरोप; चार बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा, परिवार सहित आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप
भिलाई। दुर्ग जिले के ग्राम डांडेसरा (नवागांव) में पड़ोसियों के साथ विवाद को लेकर एक परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है। पीड़ित मोनू यादव का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग आए दिन उनके और परिवार के सदस्यों के साथ विवाद, गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। घर में घुसकर मारपीट करने, बाइक में तोड़फोड़ और बिजली मीटर क्षतिग्रस्त करने जैसी घटनाएं भी हुई हैं। पीड़ित का दावा है कि वह इस संबंध में जेवरा सिरसा पुलिस चौकी में चार बार शिकायत कर चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

मोनू यादव के अनुसार, उनके परिवार में माता-पिता के अलावा महिला सदस्य भी हैं। घर का बड़ा बेटा होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर है। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले सियाराम, भुजबल, नकुल, सहदेव, अनीता, अनूपा, खुस्सू और तारिणी सहित कुछ अन्य लोगों पर परेशान करने तथा बाहरी युवकों को बुलाकर मारपीट कराने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लगातार विवाद और धमकियों के कारण परिवार भय के माहौल में रह रहा है।

जमीन पर निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित के मुताबिक, विवाद की मुख्य वजह उनके पट्टे की जमीन पर निर्माण कार्य है। उनका आरोप है कि पड़ोसियों की ओर से दीवार के नजदीक निर्माण नहीं करने का दबाव बनाया जा रहा था। विवाद से बचने के लिए उन्होंने पड़ोसियों के अनुरोध पर अपनी जमीन से दो फीट जगह छोड़कर दोबारा कॉलम निर्माण कराया, इसके बावजूद विरोध और विवाद जारी है।
मोनू यादव ने बताया कि 31 अक्टूबर को शाम करीब 4:30 बजे गांव के रास्ते में रोककर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से उनके खिलाफ ब्लेड से हमला करने की शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई। पीड़ित का दावा है कि चौकी में पूछताछ के दौरान प्रभारी ने शिकायतकर्ताओं को फटकार लगाई थी। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और दोनों पक्षों के आरोपों की पुलिस जांच आवश्यक है।
थाना प्रभारी ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मोनू यादव के अनुसार, उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलगांव थाना प्रभारी श्री संधू को भी दी है। थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं घटनास्थल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलने और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। मोनू यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय और सुरक्षा नहीं मिली तो वह परिवार सहित आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने आशंका जताई है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार के किसी सदस्य के साथ गंभीर घटना हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की अपील
पीड़ित परिवार ने जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
