छत्तीसगढ़ के रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग और धमतरी में बुधवार सुबह एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीमों ने बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई DMF (डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड) घोटाले से जुड़े सरकारी सप्लाई और अवैध कमीशन लेन-देन की जांच के लिए की गई। टीम ने कई कारोबारियों के घरों और कार्यालयों से दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए।
रायपुर में दबिश, दो कारोबारियों के ठिकाने जांच में
रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में टीम ने अशोक और अमित कोठारी के घरों पर छापेमारी की। दोनों इक्विपमेंट सप्लाई कारोबार से जुड़े हैं। पुलिस ने इनके आर्थिक दस्तावेज और सप्लाई रिकॉर्ड जब्त किए।
राजनांदगांव में तीन ठिकानों पर रेड
राजनांदगांव में एक साथ तीन कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी गई।
- राधाकृष्ण अग्रवाल – कोल माइंस का कारोबार
- ललित भंसाली – टेंट और सरकारी स्कूलों के सामान का सप्लायर
- यश नाहटा – कंप्यूटर, टीवी और अन्य सरकारी सप्लाई का व्यवसाय
पुलिस इन सभी से वित्तीय रिकॉर्ड और बिल जब्त कर रही है ताकि DMF फंड घोटाले के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
दुर्ग और धमतरी में भी कार्रवाई
दुर्ग के महावीर नगर में कारोबारी नीलेश पारख के ठिकानों पर जांच हुई।
धमतरी के सिर्री में EOW की टीम ने ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी के घर 5 घंटे तक छापेमारी की।
DMF घोटाले की पृष्ठभूमि
DMF फंड के तहत सरकारी सप्लाई में कमीशन और अनियमितताएं सामने आई हैं। ED की रिपोर्ट और EOW की जांच में पाया गया कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड का गलत इस्तेमाल कर टेंडर आवंटन में अवैध लाभ दिया गया।
मुख्य आरोपी और कमीशन वितरण
जांच में सामने आया कि टेंडर देने वाले और बिचौलिए मिलकर पैसे कमाने में शामिल थे।
प्रमुख आरोपी: संजय शिंदे, अशोक अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, ऋषभ सोनी, मनोज द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर। फंड खर्च के नए नियमों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरण, खेल सामग्री और मेडिकल उपकरण शामिल कर अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई।
बड़ा आर्थिक घोटाला उजागर
कोरबा में हुए DMF स्कैम की रकम 575 करोड़ रुपए से अधिक है। एसीबी ने रायपुर कोर्ट में 6 हजार पेज का चालान पेश किया, जिससे पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।
पुलिस सतर्क, आगे की जांच जारी
पुलिस अब सभी दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। बॉर्डर और बड़े शहरों में सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी नई तस्करी या भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
