भिलाई में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदला, चौकी में भी जारी रही दबंगई; तीन पुलिसकर्मी घायल, एक का हाथ टूटा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ट्रांसपोर्टर की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। मॉल के सिनेमा हॉल में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद ट्रांसपोर्टर ने महिला से छेड़खानी की और विरोध करने पर उसके पति-बेटे की पिटाई कर दी। पुलिस हस्तक्षेप करने पहुंची तो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया, जिसमें तीन जवान घायल हो गए। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
भिलाई। भिलाई। दुर्ग जिले में एक ट्रांसपोर्टर और उसके साथियों की दबंगई ने कानून व्यवस्था को चुनौती दे दी। गुरुवार रात भिलाई के मॉल स्थित सिनेमा हॉल में सीट को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद महिला से छेड़खानी और पुलिसकर्मियों पर हमले तक पहुंच गया।
जानकारी के मुताबिक, दुर्ग निवासी एक महिला अपने पति और बेटे के साथ फिल्म देखने आई थी। इसी दौरान कोहका निवासी ट्रांसपोर्टर सुजीत साव अपने रिश्तेदारों के साथ पहुंचा। सीट पर बैठने को लेकर विवाद हुआ, और इसी दौरान सुजीत ने महिला से छेड़छाड़ कर दी। विरोध करने पर महिला अपने परिवार के साथ बाहर निकली और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर स्मृति नगर चौकी की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। लेकिन आरोपी सुजीत साव ने पुलिस के सामने ही महिला के बेटे को पीट दिया और फोन कर अपने साथियों को भी बुला लिया। हंगामे के बीच प्रधान आरक्षक पंकज चौबे के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे वे गिरकर घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर चौकी लाया, लेकिन यहां भी दबंगई जारी रही। चौकी के अंदर आरोपियों ने आरक्षक कौशलेंद्र और मुंशी आत्माराम कोसले पर हमला कर दिया। इस झड़प में कौशलेंद्र का हाथ फ्रैक्चर हो गया और आत्माराम की उंगली टूट गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपियों में सुजीत साव (49), सुजीत कुमार (32), शिवपूजन कुमार (20), सागर साव (29) और जिगर साव (28) शामिल हैं।
घटना मॉल और चौकी दोनों जगह लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। देर रात तक चला हंगामा पुलिस ने कड़ी कार्रवाई के बाद शांत कराया। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों का इलाके में जुलूस निकालकर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
